Mahalaxmi Kit Yojana 2025-26

Mahalaxmi Kit Yojana 2025-26

📑 Table of Contents (सामग्री सूची)

  1. यह योजना क्या है?
  2. 2025-26 का लेटेस्ट अपडेट
  3. योजना से मिलने वाले लाभ
  4. कितने लोगों को मिला लाभ
  5. पात्रता मानदंड (Eligibility)
  6. महालक्ष्मी किट में क्या मिलता है
  7. आवेदन / पंजीकरण प्रक्रिया (Aavedan Prakriya)
  8. जरूरी दस्तावेज
  9. लाभ कैसे प्राप्त करें
  10. योजना का उद्देश्य
  11. निष्कर्ष

1️⃣ योजना क्या है?

Mahalaxmi Kit Yojana (मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना) उत्तराखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है।
इस योजना के तहत प्रसव (बाल जन्म) के बाद महिलाओं और नवजात (खासतौर पर शिशु-कन्या) के लिए पोषण, कपड़े और स्वास्थ्य-संबंधी वस्तुएँ वाली एक “महालक्ष्मी किट” दी जाती है।

👉 इसे उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित किया जाता है।


2️⃣ 2025-26 का लेटेस्ट अपडेट

📌 नया अपडेट:
• 30 जून 2025 से मुख्यमंत्री Mahalaxmi Kit Yojana को नए सिरे से पूरा विस्तृत कार्यक्रम के साथ शुरू किया गया।
लगभग 16,929 लाभार्थियों को किट बांटने की योजना का प्रारंभिक चरण रखा गया।
• प्रधानमंत्री “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” की दिशा में राज्य ने भी इस योजना को काफ़ी मजबूती से आगे बढ़ाया है (कभी-कभी योजना में बेटा होने पर भी किट देने की चर्चा सरकारी स्तर पर उठी है)।

3️⃣ योजना से मिलने वाले लाभ

✔ प्रसवोपरांत महिला और नवजात शिशु दोनों के लिए पोषण-सामग्री
✔ स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए जरूरी वस्तुएँ
✔ इस किट से छोटी बच्चियों के पोषण को बढ़ावा मिलता है
✔ गर्भवती माता को प्रसव के बाद बेहतर देखभाल मिलती है
✔ परिवार की आर्थिक सहायता भी होती है


4️⃣ कितने लोगों को मिला लाभ?

📍 उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में यह योजना फैल चुकी है:
• हरिद्वार में 3,537 लाभार्थी
• ऊधमसिंह नगर में 3,105
• देहरादून में 3,030
• नैनीताल में 1,230
• उत्तरकाशी में 1,092
• अल्मोड़ा में 1,002
• बाहर के जिलों में भी सैकड़ों-हजारों महिलाओं को किट दी जा चुकी है।

👉 कुल मिलाकर हज़ारों से लेकर लाखों तक महिलाओं और नवजातों को इस Mahalaxmi Kit Yojana के तहत लाभ पहुँचाया जा रहा है।


5️⃣ पात्रता मानदंड (Eligibility)

✔ आवेदक उत्तराखंड राज्य का निवासी हो।
✔ आवेदक महिला को प्रसव (बच्चा जन्म) हुआ हो।
✔ परिवार की मासिक आय ₹6,000/- से कम हो (राज्य के निर्देशानुसार)।
✔ आवेदन प्रसव के 6 महीने के भीतर किया जाना चाहिए।

📌 ध्यान दें: कुछ अतिरिक्त शर्तों जैसे सरकारी कर्मचारी न होना व आयकरदाता न होना भी लागू हो सकती हैं (जैसा कि सरकारी अधिसूचना में वर्णित है)।


6️⃣ महालक्ष्मी किट में क्या मिलता है?

👩‍🍼 महिला (माँ) के लिए:

✔ छुआरा – 500 ग्राम
✔ बादाम – 250 ग्राम
✔ गरम शॉल, जुराबें, तौलिया
✔ साबुन, सैनिटरी पैड
✔ तेल, नेल कटर … आदि

👶 शिशु के लिए:

✔ गर्म कपड़े, टोपी, बेबी क्रीम
✔ डायपर, रबर शीट
✔ बेबी साबुन, बेबी पाउडर
✔ टीकाकरण / पोषण कार्ड (जहाँ लागू) … आदि

📦 Mahalaxmi Kit Yojana किट में शामिल ये आइटम शिशु और माँ दोनों के पोषण और स्वच्छता को ध्यान में रखकर दिए जाते हैं।

7️⃣ आवेदन / पंजीकरण प्रक्रिया (Aavedan Prakriya)

📝 स्टेप-बाय-स्टेप Aavedan Prakriya:

1️⃣ आंगनवाड़ी केंद्र पर संपर्क करें:
➡️ सबसे पहले अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएँ।

2️⃣ आवेदन फ़ॉर्म प्राप्त करें:
➡️ वहां से “Mahalaxmi Kit Yojana” का आवेदन फ़ॉर्म मुफ्त में लें।

3️⃣ फॉर्म भरें:
✔ मां का नाम
✔ पता
✔ प्रसव/जन्म प्रमाणपत्र
✔ परिवार की मासिक आय आदि विवरण भरें।

4️⃣ दस्तावेज संलग्न करें:
✔ Aadhar Card
✔ राशन कार्ड
✔ जन्म प्रमाणपत्र
✔ आय प्रमाणपत्र
✔ पोषण/माँ-शिशु रक्षा कार्ड

5️⃣ आंगनवाड़ी केंद्र में जमा करें:
➡️ सभी दस्तावेजों के साथ फ़ॉर्म अपने केंद्र में जमा करें। वहाँ से आगे का वेरिफिकेशन और वितरण प्रक्रिया शुरू हो जाता है।


8️⃣ जरूरी दस्तावेज

📄 Mahalaxmi Kit Yojana निम्नलिखित प्रमाणपत्र/दस्तावेज ज़रूरी हैं:
✔ Aadhar Card
✔ जन्म/प्रसव प्रमाणपत्र
✔ आय से संबंधित दस्तावेज
✔ पहचान व पता प्रमाण


9️⃣ लाभ कैसे प्राप्त करें?

✔ आवेदन जमा करने के बाद
✔ विभाग द्वारा वेरिफिकेशन होता है
✔ वेरिफाई होने पर आपको Mahalakshmi Kit वितरण के लिए सूचित किया जाता है
✔ किट वितरण आंगनवाड़ी केंद्र पर उपलब्ध कराई जाती है

🔟 योजना का उद्देश्य

🌟 यह Mahalaxmi Kit Yojana मुख्य रूप से महिलाओं और नवजात बच्चियों के पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता को बेहतर बनाना चाहती है।
➡️ लक्षित समूह: कम आय वाले, गर्भवती महिलाएँ, और नवजात शिशु।
➡️ उद्देश्य: पोषण स्तर को सुधारना, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाना।


📝 निष्कर्ष

Mahalaxmi Kit Yojana 2025-26 एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका लक्ष्य है प्रसवोपरांत माताओं और नवजातों तक पोषण और स्वास्थ्य सहायता पहुँचना।
✔ हजारों लाभार्थियों को लाभ मिल चुका है
✔ आंगनवाड़ी केंद्र के ज़रिए पोषण किट दी जाती है
✔ गरीब परिवारों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है

👉 यदि आप उत्तराखंड में रहती हैं और योजना के लिए पात्र हैं, तो आंगनवाड़ी केंद्र से तुरंत आवेदन फ़ॉर्म लेकर आवेदन करें।

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