PM PRANAM Yojana 2026: रासायनिक खाद कम, मिट्टी की सेहत ज्यादा
Table of Contents
- PM PRANAM Yojana 2026 क्या है?
- योजना का पूरा नाम
- योजना शुरू करने का उद्देश्य
- PM PRANAM Yojana के मुख्य लाभ
- किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
- राज्यों को मिलने वाली आर्थिक सहायता
- योजना की प्रमुख विशेषताएं
- जैविक खेती को कैसे बढ़ावा मिलेगा?
- PM PRANAM Yojana 2026 Eligibility
- जरूरी दस्तावेज
- आवेदन प्रक्रिया
- वित्तीय सहायता और Incentive
- 2026 के नए अपडेट
- PM PRANAM Yojana से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- निष्कर्ष
- FAQs
PM PRANAM Yojana 2026 क्या है?
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई PM PRANAM Yojana का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों (Chemical Fertilizers) के अत्यधिक उपयोग को कम करना और जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देना है। PM PRANAM का पूरा नाम “PM Programme for Restoration, Awareness Generation, Nourishment and Amelioration of Mother Earth” है।
यह योजना किसानों के साथ-साथ राज्यों को भी प्रोत्साहन देती है ताकि खेती अधिक टिकाऊ (Sustainable) और पर्यावरण के अनुकूल बन सके।
योजना का पूरा नाम
PM PRANAM का Full Form:
Prime Minister Programme for Restoration, Awareness Generation, Nourishment and Amelioration of Mother Earth
हिंदी में इसका अर्थ है:
मातृभूमि के संरक्षण, जागरूकता, पोषण और सुधार के लिए प्रधानमंत्री कार्यक्रम।
योजना शुरू करने का उद्देश्य
भारत में लगातार बढ़ते रासायनिक खादों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे:
- मिट्टी की उर्वरता कम होती है
- पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है
- भूजल प्रभावित होता है
- किसानों की लागत बढ़ती है
इन्हीं समस्याओं को कम करने के लिए PM PRANAM योजना शुरू की गई।

PM PRANAM Yojana के मुख्य लाभ
1. मिट्टी की सेहत में सुधार
जैविक खादों के उपयोग से भूमि की गुणवत्ता बेहतर होती है।
2. रासायनिक खादों पर निर्भरता कम
किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
3. पर्यावरण संरक्षण
केमिकल प्रदूषण में कमी आती है।
4. टिकाऊ खेती को बढ़ावा
भविष्य की पीढ़ियों के लिए खेती को सुरक्षित बनाने का प्रयास।
5. कृषि लागत में कमी
लंबे समय में किसानों के खर्च कम हो सकते हैं।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
हालांकि यह योजना सीधे किसानों को नकद राशि नहीं देती, लेकिन:
- जैविक खेती को बढ़ावा मिलता है
- वैकल्पिक उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ती है
- मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है
- उत्पादन क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है
राज्यों को मिलने वाली आर्थिक सहायता
योजना के तहत यदि कोई राज्य रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करता है तो बचाई गई उर्वरक सब्सिडी का 50% हिस्सा उस राज्य को प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जा सकता है।
केंद्र सरकार के अनुसार:
- 95% राशि संबंधित राज्य को दी जाती है
- 65% राशि Capital Projects में उपयोग हो सकती है
- 30% राशि जागरूकता और अन्य गतिविधियों पर खर्च की जा सकती है
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है
- जैविक खेती को बढ़ावा
- Nano Urea और Nano DAP जैसे विकल्पों का प्रचार
- मिट्टी स्वास्थ्य सुधार पर फोकस
- उर्वरक सब्सिडी बचत मॉडल पर आधारित योजना
जैविक खेती को कैसे बढ़ावा मिलेगा?
सरकार निम्न उपायों पर जोर दे रही है:
- Organic Farming
- Natural Farming
- Crop Rotation
- Integrated Farming System
- Micro Irrigation
- Soil Test Based Fertilizer Use
- Nano Fertilizers का उपयोग
PM PRANAM Yojana 2026 Eligibility
यह योजना सीधे व्यक्तिगत किसानों के आवेदन के लिए नहीं बनाई गई है।
मुख्य लाभार्थी:
- राज्य सरकारें
- केंद्र शासित प्रदेश
- कृषि विभाग
- जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली एजेंसियां
अप्रत्यक्ष रूप से देश के सभी किसान इससे लाभान्वित हो सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज
व्यक्तिगत आवेदन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह राज्य-स्तरीय प्रोत्साहन योजना है।
आवेदन प्रक्रिया
क्या किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं।
PM PRANAM Yojana के लिए किसानों के लिए कोई अलग आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है। योजना राज्यों को Incentive देने के लिए बनाई गई है।
वित्तीय सहायता (Salary / Incentive)
Salary
इस योजना में किसी भी किसान को नौकरी या मासिक वेतन नहीं दिया जाता।
Incentive
राज्यों को बचाई गई उर्वरक सब्सिडी का 50% तक प्रोत्साहन मिल सकता है।
PM PRANAM Yojana 2026 Last Date
इस योजना के लिए किसानों हेतु कोई आवेदन अंतिम तिथि (Last Date) निर्धारित नहीं है।
यह एक सरकारी नीति आधारित कार्यक्रम है जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए लागू है।

2026 के नए अपडेट
2026 में सरकार ने Nano Urea और Nano DAP के हजारों Field Trials किए हैं तथा Sustainable Fertilizer Use को बढ़ावा देने के लिए अभियान जारी रखा है। PIB के अनुसार 15 Agro-Climatic Zones में 5800 से अधिक Field Trials किए गए हैं।
हालांकि संसद में दी गई जानकारी के अनुसार अभी तक राज्यों को प्रोत्साहन राशि का वितरण सीमित रहा है और योजना के कार्यान्वयन पर लगातार समीक्षा चल रही है।
PM PRANAM Yojana से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- शुरुआत: 28 जून 2023
- मंत्रालय: रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
- लक्ष्य: रासायनिक खाद का उपयोग कम करना
- लाभार्थी: राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश
- फोकस: जैविक और टिकाऊ खेती
- योजना पूरे भारत में लागू है।
निष्कर्ष
PM PRANAM Yojana 2026 भारत में Sustainable Agriculture को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना किसानों को सीधे पैसा नहीं देती, लेकिन मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, जैविक खेती बढ़ाने और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। आने वाले वर्षों में यह योजना भारतीय कृषि को अधिक सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद कर सकती है।
FAQs
PM PRANAM Yojana किसके लिए है?
मुख्य रूप से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए।
क्या किसानों को सीधे पैसा मिलता है?
नहीं, किसानों को प्रत्यक्ष नकद लाभ नहीं दिया जाता।
PM PRANAM Yojana की Last Date क्या है?
कोई आवेदन अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है।
योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना और जैविक खेती को बढ़ावा देना।
PM PRANAM का Full Form क्या है?
PM Programme for Restoration, Awareness Generation, Nourishment and Amelioration of Mother Earth.
