Lakhpati Didi Yojana 2025 – पूरी जानकारी हिंदी में
📑 Table of Content
- Lakhpati Didi Yojana क्या है?
- 2025 में लेटेस्ट अपडेट और उपलब्धियाँ
- योजना का उद्देश्य
- Lakhpati Didi कौन है?
- योजना की मुख्य विशेषताएँ
- पात्रता मानदंड
- लाभ और आर्थिक सहायता
- आवेदन/पंजीकरण प्रक्रिया (Aavedan Prakriya)
- समर्थन और प्रशिक्षण
- राज्यवार कार्यान्वयन
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- निष्कर्ष
1️⃣ Lakhpati Didi Yojana क्या है?
Lakhpati Didi Yojana भारत सरकार की एक महिला सशक्तिकरण पहल है जिसका उद्देश्य है ग्रामीण महिलाओं (विशेषकर SHG यानी Self-Help Groups की सदस्यों) को सशक्त बनाना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
यह Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के अंतर्गत चलने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है।
2️⃣ 2025 में लेटेस्ट अपडेट और उपलब्धियाँ
📌 2025 तक देश भर में लाखों महिलाएँ Lakhpati Didi बन चुकी हैं।
👉 10.48 करोड़ ग्रामीण परिवार SHG में संगठित हैं और 1.48 करोड़ से अधिक SHG महिलाएँ Lakhpati Didi बन चुकी हैं।
📌 राष्ट्रीय लक्ष्य है कि भारत में करीब 3 करोड़ Lakhpati Didis हों — जिसे सरकार आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।
📌 UP में 18.55 लाख Lakhpati Didis दर्ज़ किए गए हैं और यह संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
📌 ओडिशा राज्य ने इस पहल में एक अग्रणी भूमिका निभाई है — Nayagarh जिले में लगभग 98% सफलता दर देखी गई है।
3️⃣ योजना का उद्देश्य
✔️ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
✔️ SHG महिलाओं के घरों की वार्षिक आय ₹1 लाख से ऊपर लाना।
✔️ सतत और स्थिर आमदनी के अवसर प्रदान करना।
✔️ वित्तीय साक्षरता, कौशल, स्वयं-व्यवसाय और बाजार पहुँच के अवसर देना।
4️⃣ Lakhpati Didi कौन है?
➡️ Lakhpati Didi वह महिला है जो कम से कम 4 कृषि मौसम/व्यवसाय चक्रों में एक SHG महिला के रूप में काम कर सालाना ₹1,00,000 से अधिक आमदनी हासिल कर चुकी है।
5️⃣ योजना की मुख्य विशेषताएँ
| विशेषताएँ | विवरण |
|---|---|
| स्कीम का नाम | Lakhpati Didi Initiative |
| लागुकर्ता | Ministry of Rural Development / DAY-NRLM |
| उद्देश्य | ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना |
| लक्ष्य | 3 करोड़ Lakhpati Didis तक पहुँचना |
| मुख्य दिशा | प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक लोन, क्षमता निर्माण |
6️⃣ पात्रता मानदंड (Eligibility)
✔️ महिला SHG सदस्य होना चाहिए।
✔️ SHG में कम से कम 2 वर्षों का अनुभव हो सकता है।
✔️ संबंधित समुदाय के कार्यक्रमों में भाग लेना आवश्यक है।
✔️ योजना के लिए कोई स्ट्रिक्ट आयु सीमा नहीं होती है (स्थानीय नियमों के अनुसार भिन्न हो सकती है)।
✔️ पारिवारिक आय कम या मध्यम वर्ग हो सकती है (राज्य/केंद्र के दिशा-निर्देश अपनाए जा सकते हैं)।
📌 ध्यान दें: यह योजना व्यक्तिगत आवेदन करने वाली योजना नहीं है — इसे SHG स्तर पर लागू किया जाता है और SMF/CLF/VO जैसे संगठन इससे जुड़ते हैं।
7️⃣ लाभ और आर्थिक सहायता
📌 Revolving Fund (रिवॉल्विंग फ़ंड): SHGs को ₹20,000 से ₹30,000 तक मदद।
📌 Community Investment Fund (CIF): SHG को ₹2.50 लाख तक निवेश सहायता।
📌 बैंक लोन: SHGs को ₹20 लाख तक सेतु परियोजना-रहित बैंक लोन।
📌 Interest Subvention: ब्याज सब्सिडी मदद (ब्याज ₹3 लाख तक के लिए)।
📌 ओवरड्राफ्ट सुविधा: Jan-Dhan Account धारकों को ₹5,000 तक ओवरड्राफ्ट।
📌 Enterprise Acceleration Support: व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए ₹5 लाख तक लोन गारंटी/ब्याज सब्सिडी।
ये सभी सहायता उन्हें व्यवसाय, कृषि, उत्पादन या सेवाओं के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं ताकि वे स्थिर रूप से कमाएँ।
8️⃣ आवेदन/पंजीकरण प्रक्रिया (Aavedan Prakriya)
🔹 Step 1: अपने स्थानीय SHG (Self-Help Group) से जुड़ें।
🔹 Step 2: SHG को DAY-NRLM पोर्टल/ब्लॉक कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा।
🔹 Step 3: SHG के सदस्य की जानकारी, व्यवसाय योजना और सामुदायिक निवेश फंड (CIF) आदि तैयार करें।
🔹 Step 4: SHG को ब्लॉक/जिला लेवल पर निरंतर समीक्षा और चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
🔹 Step 5: चयनित SHG को कार्यक्षमता विकास, बैंक लोन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
🔹 Step 6: डिजिटल Aajeevika Register आदि में आय जानकारी अपडेट करनी होगी।
📌 ध्यान: प्रत्येक राज्य के केंद्र/राज्य पोर्टल पर आवेदन की स्थिति चेक की जा सकती है।
👉 आधिकारिक वेबसाइट: lakhpatididi.gov.in (जिसे लगेगा कि SHG-रजिस्ट्रेशन और सहायता विवरण वहाँ उपलब्ध हो)
9️⃣ समर्थन और प्रशिक्षण
✔️ Trainings & Capacity Building: SHG महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
✔️ CRP/Master Trainer: इससे SHG को मार्गदर्शन मिलता है।
✔️ Digital Tools: डिजिटल मोड पर व्यवसाय योजना तैयार करना सिखाया जाता है।
✔️ Exposure Visits: अन्य सफल Didis से सीखने हेतु भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
🔟 राज्यवार कार्यान्वयन
📍 ओडिशा: सबसे आगे, Nayagarh में 98% सफलता दर हासिल।
📍 उत्तर प्रदेश: 18.55 लाख Lakhpati Didis पहचान।
📍 अन्य राज्यों में भी SHG-आधारित ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार एवं सशक्तिकरण के परियोजनाएँ तेजी से लागू हो रही हैं।
1️⃣1️⃣ FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या यह कोई नकद योजना है?
👉 नहीं, यह आर्थिक सशक्तिकरण वाली योजना है जिसमें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण तथा लोन की सुविधा मिलती है।
Q2. क्या मैं व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकती हूँ?
👉 नहीं — आपको अपने SHG सदस्य के रूप में भाग लेना होगा।
Q3. क्या यह योजना केवल ग्रामीण भारत के लिए है?
👉 हाँ, मुख्य रूप से ग्रामीण SHG महिलाओं के लिए।
Q4. कितना कम या ज्यादा सहायता मिल सकती है?
👉 ₹20,000-₹2.5 लाख + बैंक लोन और सब्सिडी तक सुविधाएँ मिल सकती हैं।
📝 निष्कर्ष (Conclusion)
Lakhpati Didi Yojana 2025 एक महिला-आधारित आर्थिक सशक्तिकरण मिशन है जो ग्राम्य SHG महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाता है।
➡️ इसका लक्ष्य है महिलाओं की आय ₹1,00,000 प्रति वर्ष से ऊपर लाना, उन्हें व्यवसाय एवं उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना, प्रशिक्षण देना और बैंक लिङ्केज से वित्तीय सहायता।
यह योजना महिला शक्ति को बढ़ावा देने, परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, और ग्रामीण आजीविका को स्थिर बनाने में एक बड़े परिवर्तन-कारी कदम साबित हो रही है।


