PMKSY Per Drop More Crop Yojana 2026 — पूरी जानकारी

PMKSY Per Drop More Crop Yojana 2026 — पूरी जानकारी

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत Per Drop More Crop (PDMC) एक महत्वपूर्ण कॉम्पोनेंट है जिसका उद्देश्य किसानों को कम पानी में अधिक फसल उत्पादन (High water efficiency & crop yield) करने के लिए माइक्रो सिंचाई तकनीक अपनाने में सहायता देना है।


📑 Table of Contents

  1. योजना क्या है?
  2. इसका उद्देश्य
  3. 2026 का नया अपडेट
  4. लाभ (Benefits)
  5. कितनों को मिला लाभ (Data/Impact)
  6. पात्रता मानदंड
  7. आवेदन प्रक्रिया (Aavedan Prakriya)
  8. आवश्यक दस्तावेज
  9. भुगतान कैसे होता है
  10. सावधानियाँ
  11. FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  12. निष्कर्ष

1️⃣ Per Drop More Crop Yojana (PMKSY) क्या है?

Per Drop More Crop (PDMC) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) का एक घटक है जिसमें किसानों को माइक्रो सिंचाई तकनीक (जैसे ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिस्टम) के उपयोग के लिए सरकारी अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है। इसका लक्ष्य कम पानी में ज़्यादा फसल पैदा करना है — यानी “प्रति बूँद अधिक उपज”


2️⃣ योजना का उद्देश्य

🔹 जल उपयोग दक्षता बढ़ाना
🔹 कृषि में पानी की बर्बादी को कम करना
🔹 (PMKSY) किसानों की फसल पैदावार और आमदनी में वृद्धि
🔹 आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देना
🔹 जल संकट वाले क्षेत्रों में सिंचाई सहायता प्रदान करना


3️⃣ 2026 का नया अपडेट

📌 पिछले दिशा-निर्देशों में संशोधन के तहत राज्यों/संघ-शासित प्रदेशों को स्थानीय जल संरक्षण कार्यों और माइक्रो सिंचाई सुविधाओं पर अधिक लचीलापन प्रदान किया गया है, ताकि किसान तकनीक का अधिकतम लाभ उठा सकें।

PMKSY

4️⃣ लाभ (Benefits)

✔️ सब्सिडी सहायता:

किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम लगाने पर आर्थिक सहायता (Subsidy) दी जाती है। यह सब्सिडी अलग-अलग श्रेणियों के किसानों के लिए अलग-अलग होती है:
🔹 छोटे और सीमांत (Small & Marginal) किसान: लगभग 55% सब्सिडी
🔹 अन्य किसान: लगभग 45% सब्सिडी
📍 केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सब्सिडी राशि का हिस्सा देते हैं (सामान्य राज्यों में 60% केंद्र + 40% राज्य; पहाड़ी/उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अलग अनुपात)

✔️ अन्य सहायता:

पानी संरक्षण संरचनाएँ जैसे farm pond, micro water storage आदि पर समर्थन
पंप सेट/इंस्टॉलेशन सहायता
PMKSY – रोजगार सृजन (स्थानीय युवाओं को सिस्टम इंस्टॉल/मेंटेनेंस)


5️⃣ कितनों को मिला लाभ? (Beneficiaries / Impact)

📊 खबरों के अनुसार, (PMKSY) उत्तर प्रदेश में 82,000+ किसान ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को अपनाकर इस योजना का लाभ उठा चुके हैं और पानी की बचत तथा फसल पैदावार में 40–50% तक वृद्धि देखी गई है।

📌 राष्ट्रीय स्तर पर पूरा डेटा हर वर्ष विभिन्न राज्यों की रिपोर्टों में अपडेट होता है, और लाखों किसान अब तक इस योजना के अंतर्गत माइक्रो सिंचाई सब्सिडी का लाभ ले चुके हैं।


6️⃣ पात्रता मानदंड (Eligibility)

किसान को इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ मुख्य शर्तें पूरी करनी होती हैं:
✔ भारत का नागरिक होना
किसान होना (लैंड ऑनर/कृषि भूमिधारी)
✔ योजना के तहत अधिकतम 5 हेक्टेयर जमीन तक सब्सिडी मिल सकती है
✔ BIS-मानक के ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम का उपयोग
✔ आधार लिंक्ड बैंक खाते का होना आवश्यक


7️⃣ आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)

📍 Step 1:

सबसे पहले अपने स्थानीय कृषि कार्यालय / ग्राम पंचायत / ब्लॉक कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

📍 Step 2:

आवेदन फॉर्म प्राप्त करें (या राज्य के कृषि पोर्टल पर डाउनलोड करें)।

📍 Step 3:

फॉर्म में अपनी जानकारी भरें — नाम, पता, आधार, बैंक विवरण, जमीन का विवरण इत्यादि।

📍 Step 4:

सभी आवश्यक दस्तावेज साथ में लगाएँ (नीचे देखें)।

📍 Step 5:

फॉर्म और दस्तावेज जमा कर लेने के बाद Receipt/Acknowledgement लें।

📍 Step 6:

(PMKSY) सिस्टम इंस्टॉलेशन के बाद अधिकारी Site Verification करेंगे और सब्सिडी राशि को DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।

☎️ आप किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर भी सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।


8️⃣ आवश्यक दस्तावेज

✳️ फॉर्म के साथ ये दस्तावेज लगाएँ:
✔ आधार कार्ड (Aadhaar)
✔ बैंक पासबुक/IFSC विवरण
✔ पता प्रमाण
✔ जमीन का प्रमाण/7-12 दस्तावेज
✔ पासपोर्ट साइज फोटो
✔ राज्य/UT डॉमिसाइल सर्टिफिकेट (जहाँ लागू हो)


9️⃣ भुगतान कैसे होता है?

➡️ PMKSY में सब्सिडी राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में दी जाती है। इसके लिए आधार-बैंक लिंक आवश्यक है।


🔟 सावधानियाँ (Important Tips)

⚠️ सिर्फ सरकारी अधिकृत एजेंसियों/पोर्टल से ही आवेदन करें।
⚠️ प्रणालियों में BIS-मानक कम्पोनेंट हे ही स्वीकार्य हैं।
⚠️ नकली एजेंटों से बचें; केवल कृषि विभाग/ब्लॉक कार्यालय से ही जानकारी लें।


FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. यह लाभ कितने समय में मिलता है?
➡ इंडिया राज्य/क्षेत्र के अनुसार, आमतौर पर सिस्टम इंस्टॉलेशन + वेरिफिकेशन के बाद कुछ हफ्तों में DBT के माध्यम से राशि आ जाती है।

Q2. क्या 5 हेक्टेयर से ज़्यादा भूमि पर सब्सिडी मिल सकती है?
➡ नहीं, अधिकतम 5 हेक्टेयर-per-beneficiary तक सब्सिडी मिलती है।

PMKSY

📝 निष्कर्ष (Conclusion)

PMKSY Per Drop More Crop Yojana 2026 किसानों को माइक्रो सिंचाई तकनीकों के ज़रिये कम जल में अधिक फसल उपजाने में मदद करती है। यह योजना ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम पर बड़ी सब्सिडी देती है, जिससे पानी बचता है और उपज बढ़ती है।
✔ सब्सिडी 45–55% तक
✔ 5 हेक्टेयर तक कवर
✔ DBT के माध्यम से सीधा भुगतान
✔ कृषि विभाग के माध्यम से आसान आवेदन
➡ इससे किसान की लागत कम और आमदनी अधिक होती है

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