Rural Prosperity and Resilience Programme – गांवों के विकास की नई शुरुआत
- परिचय (Intro)
- यह योजना क्यों लाई गई? (उद्देश्य)
- मुख्य घटक (Key components)
- लक्षित समूह और अनुमानित लाभार्थी (Who benefits)
- किस तरह लागू होगा — सरकार/राज्य/पंचायत का रोल (Implementation model)
- क्या लाभ मिलेंगे (Benefits)
- आवश्यक शर्तें / पात्रता (Eligibility)
- दस्तावेज़ (Documents required)
- आवेदन-प्रक्रिया — आसान स्टेप (Aavedan Prakriya — Step-by-step)
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- आधिकारिक लिंक और संदर्भ (Official links & citations)
1) परिचय
Rural Prosperity and Resilience Programme (RPRP) केंद्र सरकार की एक बहु-क्षेत्रीय पहल है जिसे Union Budget 2025-26 में घोषित किया गया — उद्देश्य है ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार/आय बढ़ाना, कृषि में अंडर-एम्प्लॉयमेंट को घटाना, कौशल/निवेश/टेक्नोलॉजी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सक्रिय करना और परिस्थितिक (climate) प्रतिरोधकता बढ़ाना।
2) यह योजना क्यों लाई गई? (उद्देश्य)
- Rural Prosperity and Resilience Programme कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में अंडर-एम्प्लॉयमेंट को कम करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, उद्यमिता और वैल्यु-चैन को सशक्त करना — ताकि पलायन “आवश्यकता” न रहकर “विकल्प” बने।
- टिकाऊ/क्लाइमेट-स्मार्ट कृषि, जल/सिंचाई व पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाओं का विस्तार।
3) मुख्य घटक (Key components)
Rural Prosperity and Resilience Programme सरकारी घोषणाओं और पीआईबी/बजट सार में दिए गए प्रमुख घटक
- स्किलिंग व उद्यमिता सिँचाई/कृषि वैल्यू-चेन के लिए।
- पोस्ट-हार्वेस्ट स्टोरेज व क्रॉप-डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा।
- सिंचाई सुविधाएँ और दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक क्रेडिट की पहुँच।
- राज्य-सरकारों के साथ साझेदारी में 100 जिलों पर फोकस (प्रारम्भिक कवरेज की चर्चा)।
4) लक्षित समूह और अनुमानित लाभार्थी
- छोटे व सीमांत किसानों, भूमि-हीन परिवारों, ग्रामीण युवाओं, महिला-उद्यमियों और ग्रामीण MSMEs।
- केंद्रीय घोषणाओं का एक आंकड़ा: लगभग 1.7 करोड़ किसानों तक लाभ पहुँचने का अनुमान बताया गया है (सरकारी बुलेटिन में उल्लिखित)।
5) किस तरह लागू होगा — सरकार/राज्य/पंचायत का रोल
- केन्द्र + राज्य साझेदारी मॉडल: केंद्रीय नीतिगत और वित्त-समर्थन के साथ योजनाएं राज्यों के माध्यम से ज़मीन पर लागू होंगी; राज्य अपने निर्देशानुसार चयनित जिलों/ब्लॉक्स में रोल-आउट करेंगें।
- ग्राम-पंचायत/ब्लॉक-स्तर पर क्रियान्वयन के लिए पैनचायती/डिपार्टमेंट/CSC आदि की भूमिका सम्भावित है। (नीचे आवेदन-स्टेप में बताया गया)।
6) क्या-क्या लाभ मिलेंगे (Benefits)
- प्रशिक्षण/कौशल (skilling) और स्वयं-रोज़गार/माइक्रो-एंटरप्रेन्योरशिप को सब्सिडी/अनुदान/लोन-सहायता।
- पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (storage, cold chains), जल/सिंचाई निवेश, और कृषि-मशीनरी/प्रौद्योगिकी समर्थन।
- वित्तीय समावेशन — क्रेडिट-लिंक्ड सपोर्ट (लघु और दीर्घकालिक ऋण) और बाजार पहुँच में सहायक कदम।

7) पात्रता (Eligibility)
सरकारी घोषणा में विस्तृत पात्रता-सूची (state-wise) जारी होने पर स्पष्ट होगी; फिलहाल बजट/PIB का वर्णन दर्शाता है कि प्राथमिक लक्षित समूह—छोटे/सीमांत किसान, भूमिहीन परिवार, ग्रामीण महिला/युवा उद्यमी—होंगे। Rural Prosperity and Resilience Programme राज्यों के चयन के आधार पर जिलों व लाभार्थियों की सूची अलग होगी।
8) दस्तावेज़ (आम रूप से आवश्यक — संभावित)
(नीचे दिए दस्तावेज़ सामान्य सरकारी कृष-/ग्रामीण योजनाओं के आधार पर सुझाए जा रहे हैं; Rural Prosperity and Resilience Programmeआधिकारिक सूचियाँ राज्य-व्यवस्थाओं द्वारा जारी होंगी)
- आधार कार्ड / पहचान-प्रमाण।
- वोटर/आधार/राशन कार्ड (परिचय के लिये)।
- भूमि-कागज़ (यदि किसान)।
- बैंक खाता पासबुक / फ़ोटो।
- मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फ़ोटो।
- यदि समूह/SHG/फर्म है — संगठन पंजीकरण दस्तावेज़।
9) आवेदन-प्रक्रिया — आसान स्टेप (Aavedan Prakriya — स्टेप-बाय-स्टेप)
महत्वपूर्ण: केंद्रीय स्तर पर यह कार्यक्रम केंद्र और राज्यों की साझेदारी में लागू होगा; Rural Prosperity and Resilience Programme अभी (घोषणा के समय) कोई एक-राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन “एकल” आवेदन-पोर्टल का आधिकारिक लिंक PI B / Budget नोट में निर्देशित नहीं है। इसलिए नीचे (A) आधिकारिक/घोषित रास्ते और (B) व्यवहारिक/स्थानिक (what to do) — दोनों दिए जा रहे हैं।
A) आधिकारिक/घोषित मार्ग (जो जारी होगा / जारी किया जा सकता है)
- राज्य सरकारी नोटिफिकेशन देखें — जब केंद्र-राज्य समझौता हो और रोल-आउट शुरू हो, तो संबंधित राज्य का कृषि/ग्रामीण विकास विभाग आधिकारिक वर्क-प्लान और आवेदन-लिंक जारी करेगा। (PIB/Budget सूचनाएँ बताती हैं कि कार्य राज्यों के सहयोग से होगा)।
- राज्य-पोर्टल / जिला-पोर्टल / CSC — अक्सर राज्य अपने कृषि या ग्रामीण विभाग के पोर्टल पर आवेदन लिंक, फॉर्म और पात्रता अपलोड करते हैं। (Rural Prosperity and Resilience Programme उदाहरण: राज्य के कृषि विभाग, जिला पंचायत पोर्टल, या Common Service Centres)।
B) व्यावहारिक — आसान स्टेप्स (जब आप आवेदन करना चाहें) — (स्टेप-बाय-स्टेप)
Rural Prosperity and Resilience Programme ये स्टेप्स उन ग्रामीण हितधारकों के लिए हैं जो योजना आते ही बिना उलझन के आवेदन करना चाहते हैं — यदि आधिकारिक फॉर्म आ गया तो इन्हीं स्टेप्स का पालन होगा।
स्टेप 1 — जानकारी इकट्ठा करें
- अपने राज्य/जिला के कृषि विभाग, जिला पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पूछताछ करें — “RPRP के लिए आवेदन कब/कहाँ शुरू होगा?”। (जब आधिकारिक रोल-आउट होगा तब स्थानीय सूचना प्राथमिक होगी)।
स्टेप 2 — जरूरी दस्तावेज तैयार रखें
- ऊपर दिए सामान्य दस्तावेज (आधार, बैंक पासबुक, भूमि-पर्चा/पीर-लिखित, फोटो आदि) तैयार कर लें।
स्टेप 3 — पंजीकरण (यदि ऑनलाइन होगा)
- राज्य/जिला पोर्टल पर जाकर अपना मोबाइल नंबर और आधार क्रमांक दर्ज कर पंजीकरण करें।
- यदि इंटरनेट नहीं है तो नजदीकी CSC (Common Service Centre) या ग्राम-पंचायत कार्यालय से मदद लें।
स्टेप 4 — योग्य वर्ग/स्कीम-कम्पोनेन्ट चुनें
- Rural Prosperity and Resilience Programme योजना के भीतर अलग-अलग सहायता (कौशल ट्रेनिंग, अनुदान, क्रेडिट-सहायता, स्टोरेज सब्सिडी इत्यादि) के लिए अलग-अलग फॉर्म/ऑप्शन हो सकते हैं — अपने लिए सही विकल्प चुनें (जैसे किसान है तो पोस्ट-हार्वेस्ट/सिंचाई विकल्प)।
स्टेप 5 — आवेदन फ़ॉर्म भरें
- फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, जमीन/व्यवसाय संबंधी विवरण, बैंक-डिटेल्स और योजना विकल्प भरें।
- आवश्यक प्रमाण अपलोड या हार्ड-कॉपी संलग्न करें।
स्टेप 6 — सबमिशन और प्रमाण/रसीद लें
- आवेदन जमा करने के बाद आवेदन संख्या/रसीद लें — यह भविष्य में ट्रैकिंग के लिए ज़रूरी है।
स्टेप 7 — सत्यापन और फॉलो-अप
- Rural Prosperity and Resilience Programme जिला/ब्लॉक अधिकारी आपके दस्तावेज़ सत्यापित करेंगे; आवश्यकता पर क्षेत्रीय निरीक्षण हो सकता है।
- मंजूरी के बाद धनराशि/अनुदान/प्रशिक्षण-शेड्यूल उपलब्ध होगा।
स्टेप 8 — ट्रेनिंग / इन्फ्रास्ट्रक्चर लाभ प्राप्त करें
- चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण, सब्सिडी/कर्ज़, उपकरण/स्टोरेज सेवाएँ दी जाएँगी — यह राज्य के क्रियान्वयन प्लान के अनुसार होगा।

10) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या अभी फॉर्म खुल गया है?
A: केंद्रीय स्तर पर योजना घोषित की जा चुकी है; पर विस्तृत आवेदन-नोटिफिकेशन (राज्यवार) और ऑनलाइन पोर्टल/फॉर्म सार्वजनिक रूप से तब जारी होंगे जब राज्यों के साथ रोल-आउट शेड्यूल फाइनल होगा। अभी केंद्र/PIB ने कार्यक्रम की घोषणा और उद्देश्य साझा किए हैं; राज्य स्तर पर नोटिफिकेशन का इंतज़ार करें।
Q2: किससे संपर्क करूँ?
A: अपने राज्य के कृषि/ग्रामीण विकास विभाग, जिला पंचायत/ब्लॉक कार्यालय या नज़दीकी Common Service Centre से संपर्क करें। आधिकारिक सूचना के लिए PI B/राज्य-सरकार की वेबसाइट देखें।
Q3: क्या ठोस राशि/सब्सिडी का पैमाना दिया गया है?
A: बजट/PIB ने कार्यक्रम के उद्देश्य व प्राथमिकताओं का विवरण दिया है; योजनात्मक राशि और सब्सिडी-टर्म्स का ऐलान राज्य-विशिष्ट और कॉम्पोनेन्ट-विशेष के रूप में आने की संभावना है। आधिकारिक वित्तीय रूल-बुक/नोटिफिकेशन का ही अंतिम संदर्भ मानें।
11) आधिकारिक लिंक और संदर्भ (References)
- PIB — Press Release on Rural Prosperity & Resilience Programme (सरकारी सार)।
- PIB / Budget-related सार और Aspiration/Program notes।
- World Bank — Project Information Document (PID) और संबंधित दस्तावेज़ (रोल-आउट/स्टेट-पार्टनरशिप संदर्भ)।
- Vikaspedia / schemes summaries — बजट में प्रस्तावित कृषि-स्कीमों का सार।
निष्कर्ष (Short summary)
Rural Prosperity and Resilience Programme – RPRP एक व्यापक, राज्य-सहयोगी कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, कृषि-उत्पादकता और जल/इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ कर 1.7 करोड़ तक किसानों/लक्षित समूहों को लाभ पहुँचाना बताया गया है। योजना के लागू होने पर राज्य-स्तरीय नोटिफिकेशन में ही पात्रता, फंडिंग-मेकैनिज़्म और आवेदन-लिंक घोषित होंगे — जब ऐसा नोटिफिकेशन आएगा तब उसी अनुसार सीधे आवेदन करें।
