Prasuti Sahay Yojana 2026 – डिलीवरी पर भी प्रसूति सहायता मिलती है जानिए राज्यवार लाभ
📑 Table of Contents (सामग्री सूची)
- Prasuti Sahay Yojana क्या है?
- योजना का उद्देश्य
- 2026 के लेटेस्ट अपडेट
- कौन-कौन लाभ उठा सकता है?
- आर्थिक सहायता (बेनिफिट)
- पात्रता मानदंड (Eligibility)
- आवश्यक दस्तावेज
- आवेदन / Aavedan Prakriya
- लाभ कैसे प्राप्त करें
- FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
- निष्कर्ष
1️⃣ Prasuti Sahay Yojana क्या है?
Prasuti Sahay Yojana (प्रसूति सहायता योजना) एक सरकारी सामाजिक सुरक्षा/स्वास्थ्य योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और प्रसूता (डिलीवरी) के बाद उन्हें आर्थिक सहायता देना है ताकि
✔ सुरक्षित प्रसव हो
✔ माँ और नवजात का स्वास्थ्य ठीक रहे
✔ इलाज, जांच, टीकाकरण आदि खर्चों का बोझ कुछ कम हो सके.
यह योजना कई राज्यों में अलग-अलग रूप से चलाई जाती है — जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड आदि में। इस योजना के तहत सरकार डिजिटल/DBT से राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करती है।
2️⃣ योजना का उद्देश्य
🎯 प्रसूति सहायता योजना का मुख्य लक्ष्य है:
✔ गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दिलाना
✔ सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना
✔ नवजात शिशु का समय पर टीकाकरण/देखभाल
✔ आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता देना
✔ मातृ और शिशु मृत्युदर को घटाना
सरकार इसे मातृत्व कल्याण और स्वास्थ्य सुधार का एक महत्वपूर्ण कदम मानती है।
3️⃣ 2026 का लेटेस्ट अपडेट
📌 सबसे ताज़ा जानकारी:
➤ मध्य प्रदेश में Prasuti Sahayata Yojana 2025-26 में गर्भवती महिलाओं को ₹16,000 तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है — यह राशि अब भी जारी है और 2026 तक लागू है।
➤ राजस्थान, गुजरात व उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी अलग-अलग सहायता राशि और शर्तों के साथ यह योजना जारी है। प्रधानमंत्री स्तर पर मातृत्व/प्रसूति सहायता को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जा रहा है।
4️⃣ कौन-कौन लाभ उठा सकता है?
यह Prasuti Sahay योजना मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए है जो:
✔ गर्भवती हैं या हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है
✔ राज्य सरकार की नियमों के अनुसार पात्र श्रमिक/गरीब वर्ग/असंगठित क्षेत्र से हैं
✔ महिला स्वयं अथवा उसके पति/परिवार का श्रम पंजीकरण/पहचान है
✔ प्रसव सरकारी/पंजीकृत अस्पताल में हुआ हो (कुछ राज्यों में शर्त)
👉 सामान्यतया Prasuti Sahay यह लाभ दो जीवित बच्चों तक ही प्रदान किया जाता है (राज्य नीति के अनुसार बदलाव हो सकता है)।

5️⃣ आर्थिक सहायता (बेनिफिट)
लगातार राज्य के अनुसार अलग-अलग सहायता राशि मिलती है। कुछ प्रमुख लाभ संरचनाएँ नीचे दी हैं:
📍 मध्य प्रदेश (MP)
✔ कुल सहायता: ₹16,000
✔ पहली किश्त: ₹4,000 (गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच पूरा होने पर)
✔ दूसरी किश्त: ₹12,000 (सरकारी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव + नवजात का पंजीकरण)
📍 राजस्थान
✔ पुत्र के जन्म पर: ₹20,000
✔ पुत्री के जन्म पर: ₹21,000
और राशि विभिन्न किश्तों में दी जाती है जैसे प्रारम्भिक, 1 वर्ष बाद, 5 वर्ष बाद (शिक्षा हेतु)
📍 उत्तराखंड (निर्माण श्रमिक प्रसूति सहायता)
✔ निर्माण श्रमिक महिला को जन्म पर ₹6,000 की सहायता राशि
👉 योजना का उद्देश्य देर में ही सही मातृत्व ज़रूरतों का वित्तीय बोझ कम करना है।
1️⃣ गुजरात – प्रसूति/मातृत्व आर्थिक सहायता
📌 मुख्य योजनाएँ
📍 Mukhyamantri Maternity Assistance Scheme
🔎 यह Prasuti Sahay योजना गर्भवती माताओं को प्रसव के दौरान और बाद में आर्थिक मदद देती है — खासकर कम आय वाले परिवारों, BPL/ASHA/गरीब श्रेणियों के लिए।
👉 लाभ प्रमुख रूप से “Mahila Arthik Sahayata / Maternity Support” के रूप में दिया जाता है।
👉 यह योजना स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय सरकारी पोर्टल के ज़रिये लागू होती है।
📌 नया अपडेट 2026
✔ गुजरात सरकार ने मातृत्व सहायता को DBT (Direct Bank Transfer) के माध्यम से आसान और तेज़ कर दिया है।
✔ अब हितग्राहियों को ऑनलाइन e-KYC / Aadhaar Link के आधार पर राशि सीधे बैंक खाते में मिलती है।
✔ COVID-19 के बाद सरकार ने नवजात/पोस्ट-नैटल चेक-अप और टीकाकरण खर्च को भी कवर करना शुरू किया है।
2️⃣ महाराष्ट्र – प्रसूति/मातृत्व आर्थिक सहायता
📌 मुख्य योजनाएँ
📍 Mukhyamantri Matrutva Sahyog Yojana (मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना)
🔎 महाराष्ट्र में यह योजना गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को सुरक्षित प्रसव और पोषण सहायता देती है।
👉 महाराष्ट्र सरकार मातृत्व भुगतान के साथ ही PICU/डिलीवरी चेक-अप के खर्च का कुछ हिस्सा भी देती है।
👉 सहायता राशि DBT/Bank Transfer के ज़रिये सीधे महिलाओं के बैंक खाते में आती है।
📌 नया अपडेट 2026
✔ प्रत्येक लाभार्थी को सुरक्षित प्रसव के लिए चरणबद्ध वित्तीय सहायता दी जा रही है — जैसे
✔ गर्भावस्था के दौरान चेक-अप सहायता
✔ सुरक्षित डिलीवरी सहायता
✔ बच्चे के जन्म के पहले महीने की पोषण सहायता
✔ अब जन्म के बाद टीकाकरण/स्वास्थ्य रिकॉर्ड (Mamta Card) के आधार पर अतिरिक्त राशि मिल सकती है।
6️⃣ पात्रता मानदंड (Eligibility)
सामान्य पात्रता (राज्य नीति के अनुसार भिन्न हो सकती है):
✔ महिला गर्भवती हो या हाल ही में प्रसव कर चुकी हो
✔ कम से कम 18 या 19 वर्ष की आयु
✔ राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक
✔ श्रम/असंगठित श्रमिक या सामाजिक सहायता सूची में शामिल होना (कुछ राज्यों में)
✔ सरकारी/पंजीकृत अस्पताल में प्रसव (कुछ राज्यों में शर्त)
7️⃣ आवश्यक दस्तावेज
Prasuti Sahay में आवेदन के समय सामान्य रूप से ये दस्तावेज़ चाहिए हो सकते हैं:
✔ 👉 Aadhaar Card
✔ 👉 Bank Passbook / Bank Account Details
✔ 👉 मातृत्व स्वास्थ्य रिकॉर्ड / Mamta Card
✔ 👉 डॉक्टर/एएनएम रिपोर्ट
✔ 👉 श्रम पंजीकरण का प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)
✔ 👉 राशन कार्ड/पते का प्रमाण
✔ 👉 बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (प्रसव के बाद)

8️⃣ आवेदन / Aavedan Prakriya (Step-by-Step)
निम्न चरणों का पालन करें — (राज्य सरकार/स्थानीय कार्यालय के आधिकारिक पोर्टल के आधार पर):
📌 Step 1:
सबसे पहले अपने नज़दीकी Jan Arogya / स्वास्थ्य केंद्र / श्रम विभाग कार्यालय में जाएँ।
📌 Step 2:
Prasuti Sahayata Yojana का आवेदन फॉर्म यहाँ से जमा करें (या आधिकारिक पोर्टल पर डाउनलोड करें)।
📌 Step 3:
✔ अपनी पूरी जानकारी भरें — नाम, पता, गर्भावस्था/प्रसव तिथि, बैंक विवरण, श्रम पंजीकरण आदि।
📌 Step 4:
✔ ऊपर बताए दस्तावेजों की सत्य प्रतियाँ लगाएँ।
📌 Step 5:
✔ फॉर्म और दस्तावेज़ को स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी/श्रम कार्यालय में जमा करें।
📌 Step 6:
✔ आपका वेरिफिकेशन और सत्यापन किया जाएगा।
✔ सत्यापन के बाद DBT (Direct Bank Transfer) के जरिए पैसा सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होगा।
📌 ध्यान दें: Prasuti Sahay कुछ राज्यों में ऑनलाइन आवेदन भी उपलब्ध है; इसके लिए राज्य श्रम या स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
9️⃣ लाभ कैसे प्राप्त करें (How to Get Benefits)
📍 Prasuti Sahay में आवेदन जमा करने के बाद:
✔ वेरिफिकेशन पूरा होने पर सरकारी टर्मिनल/DBT सिस्टम में नाम अपडेट होगा।
✔ राशि सीधे आपके बैंक खाते में आती है।
✔ किश्तों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य जांच/टीकाकरण समय पर करवाएँ।
✔ प्रसव के बाद भी जन्म/टीकाकरण रिकॉर्ड अस्पताल से लें।
1️⃣0️⃣ FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या केवल सरकारी अस्पताल में ही प्रसव जरूरी है?
➡️ कुछ राज्यों (जैसे MP) में सरकारी अस्पताल में प्रसव होना शर्त है, जबकि अन्य राज्यों में निजी अस्पताल भी मान्य हो सकते हैं — आधिकारिक नियम पढ़ें।
Q2. क्या दो बच्चों से अधिक लाभ मिलेगा?
➡️ सामान्य नीति में अधिकतम दो जीवित बच्चों के लिए ही सहायता दी जाती है (राज्य के हिसाब से अलग हो सकता है)।
Q3. सहायता पैसे कब आते हैं?
➡️ वेरिफिकेशन के बाद आम तौर पर कुछ हफ्तों में DBT के जरिए सीधे बैंक में।
📝 निष्कर्ष (Conclusion)
Prasuti Sahay Yojana 2026 भारत के विभिन्न राज्यों में गर्भवती और प्रसूताओं को आर्थिक, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सहायता देने वाली एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है।
✔ यह गरीब व श्रमिक महिलाओं के लिए विशेष लाभ देती है
✔ सुरक्षित प्रसव और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती है
✔ सहायता राशि सीधे बैंक खाते में दी जाती है
